.हाथ में उठाकर तलवार , जब घोड़े पे सवार होते है ! बाँध के साफा , जब तैयार होते है ! देखती है दुनिया छत पर चडके ओर कहती है काश हम भी राजपूत होते.! हम मृतयु वरन करने वाले जब जब हथियार उठाते हैं तब पानी से नहीं शोनीत से अपनी प्यास बुझाते हैं हम राजपूत व

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